Thursday, November 6, 2014

ज़िंदा हूँ .... !!

यादों से बाबस्ता हूँ
तो ज़िंदा हूँ
बीते पलों का रस्ता हूँ
तो ज़िंदा हूँ
बून्द-बून्द कर दरिया को 
भरा है मैंने आँखों में
लम्हा-लम्हा पलकों से
रिस्ता है तो ज़िंदा हूँ ........ !!!



 अर्चना
06-11-2014 

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