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Tuesday, February 5, 2013

वो बच्चा ......!!

वो बच्चा....!
झाड़ू लगा रहा था..
नज़र टकरायी..
उसकी आँखों में,
धुंधली सी चमक आयी.
और मैं आगे बढ़ गयी.....
मतलबी और अभिमानी मन के साथ,
मेरे अपने भी दुःख हैं...
और अपनी समस्याएँ ...
किस - किस के बारे में सोचूंगी..
छोटी सी ज़िन्दगी  है...
मैं तो बस अपने लिए जियूंगी !!

अर्चना
5.02.2013

5 comments:

  1. man ki ghaharayion ka unmukt pradarshan hai.
    Srjnamakta nirantar rahe.Shubhkamaye.

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  2. It needs insurmountable courage and sacrifice to act on one's positive instincts. What is usually meant by 'practicality' is to 'let it be' and thats what the whole world keeps telling u- 'move ahead and let things be the way they are'

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